भारत आदिकाल से ऋषि मुनियो के साथ-साथ पर्वो एवं त्योहारो का देश रहा है | इस अगस्त को देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन को लोग भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं। इस पर्व को रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।
श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे। मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था। उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे। एक समय आकाशवाणी हुई कि उसकी बहन देवकी का 8वां पुत्र उसका वध करेगा। यह सुनकर कंस ने अपनी बहन देवकी को उसके पति वासुदेवसहित काल-कोठारी में डाल दिया। कंस ने देवकी के कृष्ण से पहले के 7 बच्चों को मार डाला।
जब देवकी ने श्री कृष्ण को जन्म दिया, तब भगवान विष्णु ने वासुदेव को आदेश दिया कि वे श्री कृष्ण को गोकुल में यशोदा माता और नंद बाबा के पास पहुंचा आएं, जहां वह अपने मामा कंस से सुरक्षित रह सकेगा। श्री कृष्ण का पालन-पोषण यशोदा माता और नंद बाबा की देखरेख में हुआ। भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध मे अहम भूमिका निभाई थी |
भगवान श्री कृष्ण कभी नही चाहते थे की महाभारत का युद्ध हो उन्होने उस युद्ध को रोकने के काफी प्रयास किए थे | जब उनकी बात नही मानी ज्ञी तब उन्होने कहा की तरफ मेरी सेना रहेगी और एक तरफ मै और मै स्वयं युद्ध मे हथियार नही उठौङ्गा और उन्होने ऐसा ही किया पूरे महाभारत के युद्ध मे उन्होने हथियार नही उठाए |
गीताजी के एक श्लोक मे गीतज्ञान दाता खुद कह रहा की मै काल हूँ श्लोक देखे
अध्याय 11 के श्लोक 32
कालः, अस्मि, लोकक्षयकृृत्, प्रवृृद्धः, लोकान्, समाहर्तुम्, इह, प्रवृृत्तः,
ऋते, अपि, त्वाम्, न, भविष्यन्ति, सर्वे, ये, अवस्थिताः, प्रत्यनीकेषु, योधाः।।32।।
अध्याय 11 के श्लोक 32 में काल भगवान कह रहा है कि मैं लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ काल हूँ। इस समय लोकों को नष्ट करने के लिए आया (प्रकट हुआ) हूँ। जो प्रतिपक्षियों की सेना में स्थित योद्धा लोग हैं वे सब तेरे बिना भी नहीं रहंेगे अर्थात् मैं खा जाऊँगा।
ऊपर लिखे हुए श्लोक से स्पष्ट हो गया की गीताजी का ज्ञान श्री कृष्ण ने नही दिया था गीताजी का ज्ञान "काल भगवान" ने दिया था | बॉलीवुड की कई फिल्मों मे बताने की कोशिह की ज्ञी है की भगवान कौन है लेकिन किसी भी फिल्म मे पूर्णतया स्पष्ट नही कर पाये की भगवान कौन है और हमे भक्ति किसकी करनी चाहिए |
संत रामपाल दास जी महाराज जी ने सर्व धर्म के सद्ग्रंथों से स्पष्ट करके बताया की पूर्ण परमात्मा "कबीर" साहब है | कबीर परमात्मा चरो युगो मे अलग अलग नाम से आते है | एक आम आदमी की तरह जीवन व्यपन क्र्क्ते हुए परमात्मा के गुणगान करते हुए समझते है की पूर्ण मोक्ष कैसे होगा | वर्तमान समय मे संत रामपाल जी महाराज जी पूर्ण संत है जो सत्भगति देके मोक्ष प्राप्ति करवाते है |
मेरा ब्लॉग पढ़ने वाले सभी साथियो से निवेदन है आप सभी संत रामपाल दास जी महाराज द्वारा लिखी हुई पुस्तक "ज्ञान गंगा" "जीने की राह" एवं "भक्ति से भगवान तक" जरूर पढे साथ ही हमारी वैबसाईटwww.jagatgururampalji.org पर visit करे जी













